Founder & Chief Executive Officer HealthPro Naturals Pvt Ltd.,Eva lifestyle Pvt Ltd.& WealthPro Financial Consultants Pvt.Ltd.
Saturday, 21 September 2013
Sunday, 14 October 2012
बड़ा बनने के लिए बड़ा सोचो
एक बौद्ध भिक्षुक भोजन बनाने के लिए जंगल से लकड़ियाँ चुन रहा था कि तभी उसने कुछ अनोखा देखा ,
शेर लोमड़ी और भिक्षुक
“कितना अजीब है ये !”, उसने बिना पैरों की लोमड़ी को देखते हुए मन ही मन सोचा .
“ आखिर इस हालत में ये जिंदा कैसे है ?” उसे आशचर्य हुआ , “ और ऊपर से ये बिलकुल स्वस्थ है ”
वह अपने ख़यालों में खोया हुआ था
की अचानक चारो तरफ अफरा – तफरी मचने लगी ; जंगल का रजा शेर उस
तरफ आ रहा था . भिक्षुक भी तेजी दिखाते हुए एक ऊँचे पेड़ पर
चढ़ गया , और वहीँ से सब कुछ देखने लगा .
शेर ने एक हिरन का शिकार किया था
और उसे अपने जबड़े में दबा कर लोमड़ी की तरफ बढ़ रहा था , पर
उसने लोमड़ी पर हमला नहीं किया बल्कि उसे भी खाने के लिए
मांस के कुछ टुकड़े डाल दिए .
“ ये तो घोर आश्चर्य है , शेर लोमड़ी को
मारने की बजाये उसे भोजन दे रहा है .” , भिक्षुक बुदबुदाया,उसे अपनी
आँखों पर भरोसा नहीं हो रहा था इसलिए वह अगले दिन फिर वहीँ
आया और छिप कर शेर का इंतज़ार करने लगा . आज भी वैसा ही हुआ ,
शेर ने अपने शिकार का कुछ हिस्सा लोमड़ी के सामने डाल दिया .
“यह भगवान् के होने का प्रमाण है !”
भिक्षुक ने अपने आप से कहा . “ वह जिसे पैदा करता है उसकी रोटी का भी
इंतजाम कर देता है , आज से इस लोमड़ी की तरह मैं भी ऊपर वाले की
दया पर जीऊंगा , इश्वर मेरे भी भोजन की व्यवस्था करेगा .” और ऐसा
सोचते हुए वह एक वीरान जगह पर जाकर एक पेड़ के नीचे बैठ गया .
पहला दिन बीता , पर कोई वहां नहीं
आया , दूसरे दिन भी कुछ लोग उधर से गुजर गए पर भिक्षुक की
तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया . इधर बिना कुछ खाए -पीये वह कमजोर
होता जा रहा था . इसी तरह कुछ और दिन बीत गए , अब तो उसकी रही
सही ताकत भी खत्म हो गयी …वह चलने -फिरने के लायक भी नहीं रहा
. उसकी हालत बिलकुल मृत व्यक्ति की तरह हो चुकी थी की तभी एक
महात्मा उधर से गुजरे और भिक्षुक के पास पहुंचे .
उसने अपनी सारी कहानी महात्मा जी को
सुनाई और बोला , “ अब आप ही बताइए कि भगवान् इतना निर्दयी कैसे
हो सकते हैं , क्या किसी व्यक्ति को इस हालत में पहुंचाना पाप
नहीं है ?”
“ बिल्कुल है ,”, महात्मा जी ने कहा , “
लेकिन तुम इतना मूर्ख कैसे हो सकते हो ? तुमने ये क्यों नहीं
समझे की भगवान् तुम्हे उसे शेर की तरह बनते देखना चाहते थे ,
लोमड़ी की तरह नहीं !!!”
दोस्तों , हमारे जीवन में भी ऐसा कई बार
होता है कि हमें चीजें जिस तरह समझनी चाहिए उसके विपरीत समझ लेते हैं.
ईश्वर ने हम सभी के अन्दर कुछ न कुछ ऐसी शक्तियां दी हैं जो हमें महान
बना सकती हैं , ज़रुरत हैं कि हम उन्हें पहचाने , उस भिक्षुक का सौभाग्य
था की उसे उसकी गलती का अहसास कराने के लिए महात्मा जी मिल गए पर हमें खुद
भी चौकन्ना रहना चाहिए की कहीं हम शेर की जगह लोमड़ी तो नहीं बन रहे हैं.
Mr.Rishi Kumar
Founder & Chief Executive Officer
HealthPro Naturals Pvt. Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt. Ltd
Wednesday, 12 September 2012
एक गिलास दूध
एक गिलास दूध
एक बार एक लड़का अपने स्कूल की फीस भरने के लिए एक दरवाजे से
दूसरे दरवाजे तक कुछ सामान बेचा करता था, एक दिन उसका कोई सामान नहीं बिका
और उसे बड़े जोर से भूख भी लग रही थी. उसने तय किया कि अब वह
जिस भी दरवाजे पर जायेगा, उससे खाना मांग लेगा. दरवाजा खटखटाते ही एक
लड़की ने दरवाजाखोला, जिसे देखकर वह घबरा गया और बजाय खाने के उस...ने पानी
का एक गिलास पानी माँगा.लड़की ने भांप लिया था कि वह भूखा
है, इसलिए वह एक........बड़ा गिलास दूध का ले आई. लड़के ने धीरे-धीरे
दूध पी लिया." कितने पैसे दूं?" लड़के ने पूछा." पैसे किस बात के?" लड़की
ने जवाव मेंकहा." माँ ने मुझे सिखाया है कि जब भी किसी पर
दया करो तो उसके पैसे नहीं लेने चाहिए."" तो फिर मैं आपको दिल से
धन्यबाद देताहूँ."जैसे ही उस लड़के ने वह घर छोड़ा, उसे न केवल शारीरिक तौर
पर शक्ति मिल चुकीथी , बल्कि उसका भगवान् और आदमी पर भरोसा और
भी बढ़ गया था.
सालों बाद वह लड़की
गंभीर रूप से बीमार पड़ गयी. लोकल डॉक्टर ने उसे शहरके बड़े अस्पताल में
इलाज के लिए भेज दिया. विशेषज्ञ डॉक्टर होवार्ड केल्ली को
मरीज देखने के लिए बुलाया गया. जैसे ही उसने लड़की के कस्वे का नाम
सुना, उसकी आँखों में चमक आ गयी. वहएकदम सीट से उठा और उस लड़की के कमरे
में गया. उसने उस लड़की को देखा, एकदम पहचान लिया और तय कर
लिया कि वह उसकी जान बचाने के लिए जमीन-आसमान एक कर देगा..उसकी मेहनत
और लग्न रंग लायी और उस लड़की कि जान बच गयी. डॉक्टर ने अस्पताल के ऑफिस
में जा कर उस लड़की के इलाज का बिल लिया. उस बिल के कौने में
एक नोट लिखा और उसे उस लड़की के पास भिजवा दिया लड़की बिल का लिफाफा
देखकर घबरा गयी, उसे मालूम था कि वह बीमारी से तो वह बचगयी है लेकिन बिल कि
रकम जरूर उसकी जान लेलेगी. फिर भी उसने धीरे से बिल खोला,
रकम को देखा और फिर अचानक उसकी नज़र बिल के कौने में पेन से लिखे नोट
पर गयी, जहाँ लिखा था," एक गिलास दूध द्वारा इस बिल का भुगतान किया जा
चुकाहै." नीचे डॉक्टर होवार्ड केल्ली के हस्ताक्षर थे.ख़ुशी और
अचम्भे से उस लड़की के गालोंपर आंसूटपक पड़े उसने ऊपर कि और दोनों हाथ
उठा कर कहा," हे भगवान! आपकाबहुत-बहुत धन्यवाद, आपका प्यार इंसानों के
दिलों और हाथों द्वारा न जाने कहाँ- कहाँ फैल चुका है.
Mr. Rishi Kumar
Founder & CEO
HealthPro Naturals Pvt. Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt.Ltd.
विजेता मेंढक
विजेता मेंढक
बहुत समय पहले की बात है एक सरोवर
में बहुत सारे मेंढक रहते थे . सरोवर के बीचों -बीच एक बहुत
पुराना धातु का खम्भा भी लगा हुआ था जिसे उस सरोवर को
बनवाने वाले राजा ने लगवाया था . खम्भा काफी ऊँचा था और उसकी
सतह भी बिलकुल चिकनी थी .
एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया
कि क्यों ना एक रेस करवाई जाए . रेस में भाग लेने वाली
प्रतियोगीयों को खम्भे पर चढ़ना होगा , और जो सबसे पहले एक ऊपर
पहुच जाएगा वही विजेता माना जाएगा .
रेस का दिन आ पंहुचा , चारो तरफ
बहुत भीड़ थी ; आस -पास के इलाकों से भी कई मेंढक इस रेस में
हिस्सा लेने पहुचे . माहौल में सरगर्मी थी , हर तरफ शोर ही
शोर था .
रेस शुरू हुई …
…लेकिन खम्भे को देखकर भीड़ में
एकत्र हुए किसी भी मेंढक को ये यकीन नहीं हुआकि कोई भी मेंढक
ऊपर तक पहुंच पायेगा …
हर तरफ यही सुनाई देता …
“ अरे ये बहुत कठिन है ”
“ वो कभी भी ये रेस पूरी नहीं कर पायंगे ”
“ सफलता का तो कोई सवाल ही नहीं , इतने चिकने खम्भे पर चढ़ा ही नहीं जा सकता ”
और यही हो भी रहा था , जो भी मेंढक कोशिश करता , वो थोडा ऊपर जाकर नीचे गिर जाता ,
कई मेंढक दो -तीन बार गिरने के बावजूद अपने प्रयास में लगे हुए थे …
पर भीड़ तो अभी भी चिल्लाये जा रही
थी , “ ये नहीं हो सकता , असंभव ”, और वो उत्साहित मेंढक भी ये
सुन-सुनकर हताश हो गए और अपना प्रयास छोड़ दिया .
लेकिन उन्ही मेंढकों के बीच एक
छोटा सा मेंढक था , जो बार -बार गिरने पर भी उसी जोश के साथ
ऊपर चढ़ने में लगा हुआ था ….वो लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा ,और
अंततः वह खम्भे के ऊपर पहुच गया और इस रेस का विजेता बना .
उसकी जीत पर सभी को बड़ा आश्चर्य
हुआ , सभी मेंढक उसे घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे ,” तुमने
ये असंभव काम कैसे कर दिखाया , भला तुम्हे अपना लक्ष्य प्राप्त
करने की शक्ति कहाँ से मिली, ज़रा हमें भी तो बताओ कि तुमने ये विजय
कैसे प्राप्त की ?”
तभी पीछे से एक आवाज़ आई … “अरे उससे क्या पूछते हो , वो तो बहरा है ”
Friends, अक्सर हमारे अन्दर अपना लक्ष्य
प्राप्त करने की काबीलियत होती है, पर हम अपने चारों तरफ मौजूद नकारात्मकता
की वजह से खुद को कम आंक बैठते हैं और हमने जो बड़े-बड़े सपने देखे होते
हैं उन्हें पूरा किये बिना ही अपनी ज़िन्दगी गुजार देते हैं . आवश्यकता इस
बात की है हम हमें कमजोर बनाने वाली हर एक आवाज के प्रति बहरे और ऐसे
हर एक दृश्य के प्रति अंधे हो जाएं. और तब हमें सफलता के शिखर पर पहुँचने
से कोई नहीं रोक पायेगा.
Mr. Rishi Kumar
Founder & CEO
HealthPro Naturals Pvt Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt Ltd.
आप हाथी नहीं इंसान हैं !
आप हाथी नहीं इंसान हैं !
एक आदमी कहीं से गुजर रहा था, तभी उसने
सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा, और अचानक रुक गया. उसने देखा कि
हाथियों के अगले पैर में एक रस्सी बंधी हुई है, उसे इस बात का बड़ा अचरज
हुआ की हाथी जैसे विशालकाय जीव लोहे की जंजीरों की जगह बस एक छोटी सी रस्सी
से बंधे हुए हैं!!! ये स्पष्ठ था कि हाथी जब चाहते तब अपने बंधन तोड़ कर
कहीं भी जा सकते थे, पर किसी वजह से वो ऐसा नहीं कर रहे थे.
उसने पास खड़े महावत से पूछा कि भला ये हाथी किस प्रकार इतनी शांति से खड़े हैं और भागने का प्रयास नही कर रहे हैं ? तब महावत ने कहा, ” इन हाथियों को छोटे पर से ही इन रस्सियों से बाँधा जाता है, उस समय इनके पास इतनी शक्ति नहीं होती की इस बंधन को तोड़ सकें. बार-बार प्रयास करने पर भी रस्सी ना तोड़ पाने के कारण उन्हें धीरे-धीरे यकीन होता जाता है कि वो इन रस्सियों नहीं तोड़ सकते,और बड़े होने पर भी उनका ये यकीन बना रहता है, इसलिए वो कभी इसे तोड़ने का प्रयास ही नहीं करते.”
आदमी आश्चर्य में पड़ गया कि ये ताकतवर जानवर सिर्फ इसलिए अपना बंधन नहीं तोड़ सकते क्योंकि वो इस बात में यकीन करते हैं!!
इन हाथियों की तरह ही हममें से कितने लोग सिर्फ पहले मिली असफलता के कारण ये मान बैठते हैं कि अब हमसे ये काम हो ही नहीं सकता और अपनी ही बनायीं हुई मानसिक जंजीरों में जकड़े-जकड़े पूरा जीवन गुजार देते हैं.
उसने पास खड़े महावत से पूछा कि भला ये हाथी किस प्रकार इतनी शांति से खड़े हैं और भागने का प्रयास नही कर रहे हैं ? तब महावत ने कहा, ” इन हाथियों को छोटे पर से ही इन रस्सियों से बाँधा जाता है, उस समय इनके पास इतनी शक्ति नहीं होती की इस बंधन को तोड़ सकें. बार-बार प्रयास करने पर भी रस्सी ना तोड़ पाने के कारण उन्हें धीरे-धीरे यकीन होता जाता है कि वो इन रस्सियों नहीं तोड़ सकते,और बड़े होने पर भी उनका ये यकीन बना रहता है, इसलिए वो कभी इसे तोड़ने का प्रयास ही नहीं करते.”
आदमी आश्चर्य में पड़ गया कि ये ताकतवर जानवर सिर्फ इसलिए अपना बंधन नहीं तोड़ सकते क्योंकि वो इस बात में यकीन करते हैं!!
इन हाथियों की तरह ही हममें से कितने लोग सिर्फ पहले मिली असफलता के कारण ये मान बैठते हैं कि अब हमसे ये काम हो ही नहीं सकता और अपनी ही बनायीं हुई मानसिक जंजीरों में जकड़े-जकड़े पूरा जीवन गुजार देते हैं.
याद रखिये असफलता जीवन का एक हिस्सा है
,और निरंतर प्रयास करने से ही सफलता मिलती है. यदि आप भी ऐसे किसी बंधन में
बंधें हैं जो आपको अपने सपने सच करने से रोक रहा है तो उसे तोड़ डालिए…..
आप हाथी नहीं इंसान हैं.
Mr. Rishi Kumar
Founder & CEO
HealthPro Naturals Pvt Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt. Ltd.
Tuesday, 11 September 2012
REAL LOVE
एक बार एक लड़का था ! जो एक लड़की को अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था !
उसके परिवार वालो ने भी उसका कभी साथ नहीं दिया ,फिर भी वो उस लड़की को प्यार करता रहा लेकिन लड़की कुछ देख नहीं सकती थी मतलब अंधी थी !
लड़की हमेशा लड़के से कहती रहती थी की तुम मुझे इतना प्यार क्यूँ करते हो !में
तुम्हारे किसी काम नहीं आ सकती में तुम्हे वो प्यार नहीं दे सकती जो कोई और
देगा लेकिन वो लड़का उसे हमेशा दिलाषा देता रहता की तुम ठीक हो जोगी
तुम्ही मेरा पहला प्यार हो और रहोगी फिर कुछ साल ये सिलसिला चलता रहता है
लड़का अपने पैसे से लड़की का ऑपरेशन करवाता है लड़की ऑपरेशन के बाद अब सब
कुछ देख सब सकती थी लेकिन उससे पता चलता है की लड़का भी अँधा था तब लड़की
कहती है की में तुमसे प्यार नहीं कर सकती तुम तोह अंधे हो.में किसी अंधे
आदमी को अपना जीवन साथी चुन सकती तुम्हारे साथ मेरा कोई future नहीं है
..तब लड़का मुस्कुराता है और जाने लगता है और उसके आखिरी बोल होते है. TAKE CARE OF MY EYES. THIS IS REAL LOVE.
Mr. Rishi Kumar
Founder & CEO
HealthPro Naturals Pvt. Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt. Ltd.
उसके परिवार वालो ने भी उसका कभी साथ नहीं दिया ,फिर भी वो उस लड़की को प्यार करता रहा लेकिन लड़की कुछ देख नहीं सकती थी मतलब अंधी थी !
लड़की हमेशा लड़के से कहती रहती थी की तुम मुझे इतना प्यार क्यूँ करते हो !में
तुम्हारे किसी काम नहीं आ सकती में तुम्हे वो प्यार नहीं दे सकती जो कोई और
देगा लेकिन वो लड़का उसे हमेशा दिलाषा देता रहता की तुम ठीक हो जोगी
तुम्ही मेरा पहला प्यार हो और रहोगी फिर कुछ साल ये सिलसिला चलता रहता है
लड़का अपने पैसे से लड़की का ऑपरेशन करवाता है लड़की ऑपरेशन के बाद अब सब
कुछ देख सब सकती थी लेकिन उससे पता चलता है की लड़का भी अँधा था तब लड़की
कहती है की में तुमसे प्यार नहीं कर सकती तुम तोह अंधे हो.में किसी अंधे
आदमी को अपना जीवन साथी चुन सकती तुम्हारे साथ मेरा कोई future नहीं है
..तब लड़का मुस्कुराता है और जाने लगता है और उसके आखिरी बोल होते है. TAKE CARE OF MY EYES. THIS IS REAL LOVE.
Mr. Rishi Kumar
Founder & CEO
HealthPro Naturals Pvt. Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt. Ltd.
Friday, 6 July 2012
सलाह लें ,पर संभल कर…..
सलाह लें ,पर संभल कर…..
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है. जो की लोगो
के समूह के बीच मे रहता है ,इस समूह मे कई तरह के रिश्तो को वो निभाता है
! कुछ रिश्ते निस्स्वार्थ होते है ,जबकि अधिकतर रिश्तो की नीव स्वार्थ पर
टिकी होती है! हम जो professional relation बनाते हैं, वो अधिकतर आदान
प्रदान या यो कहें एक से दूसरे को ,और दूसरे से पहले व्यक्ति को फायदे की
बुनियाद पर ही टिके होते हैं! मैं यह नहीं कह रहा की सभी रिश्तो के पीछे
स्वार्थ ही होता है, लेकिन हाँ आज की दुनिया में अधिकतर इंसान अपना फायदा
देख कर ही relation बनाते हैं!
दोस्तों ऐसा कई बार होता है ,की हम किसी
दुविधा मे फंस जाते हैं और हमे किसी की राय की जरुरत पड़ती है, तब हम
अपने आस पास के लोगों से उस बारे मे सलाह मशवरा करते है कि हमे क्या करना
चाहिये ,कई बार उनकी राय हमें सही रास्ते का मार्ग दिखाती है तो कभी और
ज्यादा हमारे नुक्सान का सबब बन जाती है!
अगर आप माता पिता ,भाई बहन ,सच्चा दोस्त
आदि निस्स्वार्थ रिश्तो को , जो की आप को सही राय ही देते हैं, छोड़ दें
, तो बाकी अधिकतर समाज के और work place के लोगो से सलाह लें जरूर ,पर
अपना विवेक भी बनाय रखें ! क्योंकि कई बार ऐसे सलाह देने वालो का स्वार्थ
भी उनकी सलाह मे छुपा रहता है! इसलिए - सुने सबकी पर माने अपने विवेक
और अंतरात्मा की
एक बार एक
आदमी अपने छोटे से बालक के साथ एक घने जंगल से जा रहा था! तभी रास्ते मे
उस बालक को प्यास लगी , और उसे पानी पिलाने उसका पिता उसे एक नदी पर ले
गया , नदी पर पानी पीते पीते अचानक वो बालक पानी मे गिर गया , और डूबने से
उसके प्राण निकल गए! वो आदमी बड़ा दुखी हुआ, और उसने सोचा की इस घने
जंगल मे इस बालक की अंतिम क्रिया किस प्रकार करूँ ! तभी उसका रोना सुनकर
एक गिद्ध , सियार और नदी से एक कछुआ वहा आ गए , और उस आदमी से सहानुभूति
व्यक्त करने लगे , आदमी की परेशानी जान कर सब अपनी अपनी सलाह देने लगे!
सियार ने
लार टपकाते हुए कहा , ऐसा करो इस बालक के शरीर को इस जंगल मे ही किसी
चट्टान के ऊपर छोड़ जाओ, धरती माता इसका उद्धार कर देगी! तभी गिद्ध अपनी
ख़ुशी छुपाते हुए बोला, नहीं धरती पर तो इसको जानवर खा जाएँगे, ऐसा
करो इसे किसी वृक्ष के ऊपर डाल दो ,ताकि सूरज की गर्मी से इसकी अंतिम गति
अच्छी होजाएगी! उन दोनों की बाते सुनकर कछुआ भी अपनी भूख को छुपाते हुआ
बोला ,नहीं आप इन दोनों की बातो मे मत आओ, इस बालक की जान पानी मे गई है,
इसलिए आप इसे नदी मे ही बहा दो !
और इसके
बाद तीनो अपने अपने कहे अनुसार उस आदमी पर जोर डालने लगे ! तब उस आदमी ने
अपने विवेक का सहारा लिया और उन तीनो से कहा , तुम तीनो की सहानुभूति भरी
सलाह मे मुझे तुम्हारे स्वार्थ की गंध आ रही है, सियार चाहता है की
मैं इस बालक के शरीर को ऐसे ही जमीन पर छोड़ दूँ ताकि ये उसे आराम से खा
सके, और गिद्ध तुम किसी पेड़ पर इस बालक के शरीर को इसलिए रखने की
सलाह दे रहे हो ताकि इस सियार और कछुआ से बच कर आराम से तुम दावत उड़ा सको
, और कछुआ तुम नदी के अन्दर रहते हो इसलिए नदी मे अपनी दावत का इंतजाम
कर रहे हो ! तुम्हे सलाह देने के लिए धन्यवाद , लेकिन मै इस बालक के
शरीर को अग्नि को समर्पित करूँगा , ना की तुम्हारा भोजन बनने दूंगा!
यह सुन कर वो तीनो अपना सा मुह लेकर वहा से चले गए!
दोस्तों मै यह नहीं कह रहा हूँ की हर
व्यक्ति आपको स्वार्थ भरी सलाह ही देगा , लेकिन आज के इस competitive युग
मे हम अगर अपने विवेक की छलनी से किसी सलाह को छान ले तो शायद ज्यादा
सही रहेगा ! हो सकता है की आप लोग मेरी बात से पूरी तरह सहमत ना हो ,पर
कहीं ना कहीं आज के युग में ये भी तो सच है कि - मेरे नज़दीक रहते है कुछ दोस्त ऐसे ,जो मुझ में ढुंढते है गलतियां अपनी……….
Rishi Kumar
Founder & CEO
HealthPro Naturals Pvt Ltd.
WealthPro Financial Consultants Pvt Ltd.
Subscribe to:
Posts (Atom)